AI-जनरेटेड कंटेंट के ज़रिये गलत सूचनाओं का खतरा बढ़ा, नेताओं ने सरकार से नियम कड़े करने को कहा
भोपाल: आपने पिछले कुछ दिनों से देखा होगा कि AI का इस्तेमाल कर लोगों ने जहां सुंदर-सुंदर फोटो बनाए हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर उनके साथ बैठकर फोटो भी खूब वायरल हुआ है। यह टेक्नोलॉजी अब छोटे नेताओं के लिए सिरदर्द बन गई है। मध्य प्रदेश के मंत्री, विधायक और सांसद ऐसे फोटो से परेशान हैं। कारण है- मछली कांड सहित अन्य आरोपियों के साथ उनकी फोटो वायरल होना।
भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि एआई और फोटोशॉप इमेज के जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। बहुचर्चित ड्रग्स और लव जिहाद कांड के आरोपों से घिरे मछली परिवार के सदस्य के साथ फोटो वायरल होने से नेता परेशान हैं। सांसद ने कहा कि मेरा एक वीडियो वायरल किया गया है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और हितानंद जी थे। मैंने सौ लीडर के नाम बताए कि इस प्रकार से भाजपा जीरो से लेकर आज यहां तक पहुंची है। सारे नाम डिलीट कर दिए। एक ही नाम को फोकस किया। यहां पर सिर किसी का, धड़ किसी का।
मंत्री कृष्णा गौर के साथ ड्रग पैडलर की फोटो
आलोक शर्मा ने कहा कि एआई के माध्यम से सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले विधायक रामेश्वर शर्मा और मंत्री कृष्णा गौर भी फेक फोटो को लेकर शिकायत कर चुके हैं। मंत्री कृष्णा गौर के साथ खड़े युवक की जगह ड्रग पैडलर की फोटो वायरल की जा रही है। यह फोटो एडिटेड बताई जाती है। फोटो में दिख रहा व्यक्ति ड्रग्स पैडलर आशू हसन बताया जाता है। वहीं, विधायक रामेश्वर शर्मा के साथ ड्रग्स पैडलर आशू हसन की फोटो वायरल की जा रही है।
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