बोर्ड परीक्षा में प्राचार्य की भूमिका पर उठे सवाल, जांच के बाद कार्रवाई की सिफारिश
कोरबा|छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है। यह मामला कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के एक स्कूल से संबंधित है। प्राचार्य की संदिग्ध गतिविधियों को लेकर जांच रिपोर्ट भेजी गई है।विकासखंड शिक्षा अधिकारी पोड़ी उपरोड़ा ने जिला शिक्षा अधिकारी को यह रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने प्राचार्य के खिलाफ आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की है। यह रिपोर्ट शासकीय उच्चतर माध्यमिकविद्यालय पिपरिया के प्राचार्य ललित कुमार चंद्रा के खिलाफ तैयार की गई है। उड़नदस्ता टीम ने 27 फरवरी 2026 और 2 मार्च 2026 को परीक्षा केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया था। 27 फरवरी को कक्षा 12वीं के जीव विज्ञान विषय की परीक्षा के समय प्राचार्य कक्षों में घूमते पाए गए। उस समय उनकी ड्यूटी परीक्षा कार्य में नहीं लगी थी। इस पर टीम ने उन्हें समझाइश देते हुए परीक्षा अवधि में विद्यालय में उपस्थित नहीं रहने की हिदायत दी थी। अधिकारियों के अनुसार यह कृत्य शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता को दर्शाता है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत है।
संदिग्ध गतिविधियां
2 मार्च 2026 को कक्षा 12वीं के गणित विषय की परीक्षा के दौरान भी प्राचार्य ललित कुमार चंद्रा को फिर से परीक्षा कक्षों में घूमते देखा गया। उसी दिन उनकी बहू भी 12वीं की परीक्षा में शामिल थी। इस कारण परीक्षा के दौरान उनकी उपस्थिति को अत्यधिक संदिग्ध माना गया। उड़नदस्ता टीम और केंद्राध्यक्ष द्वारा बार-बार समझाइश देने के बावजूद उनके द्वारा परीक्षा कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने की बात भी रिपोर्ट में उल्लेखित है।
कार्रवाई की अनुशंसा
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा है। उन्होंने प्राचार्य के खिलाफ आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने की अनुशंसा की है। यह जांच रिपोर्ट अब जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी गई है।
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