चुनावी साल से पहले दलित-आदिवासी समाज को साधने की कवायद
कोलकाता|पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्य की 84 अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वाली विधानसभा सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी की है। इसके लिए टीएमसी 60 दिनों का एक विशेष जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। पार्टी ने इस अभियान के साथ ही बीजेपी पर राज्य का फंड रोकने और पिछड़े समुदायों का अपमान करने का भी आरोप लगाया है।
5 मार्च से शुरू होगा 'तपशिलीर संगलाप' अभियान
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को इस अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'तपशिलीर संगलाप' नाम का यह अभियान होली के बाद 5 मार्च से शुरू होगा। इस दो महीने के कार्यक्रम के दौरान, टीएमसी के प्रतिनिधियों की टीमें विशेष वाहनों से लक्षित विधानसभा क्षेत्रों के गांवों और बूथों तक पहुंचेंगी।अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हर वाहन में तीन से पांच सदस्यों की टीम होगी। यह टीम जमीनी स्तर पर लोगों से बातचीत करेगी और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताएगी। साथ ही, वे बीजेपी द्वारा एससी और एसटी समुदायों पर किए जा रहे अत्याचार का भी खुलासा करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, "इन 84 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी आपके कंधों पर है।"
बीजेपी पर आरक्षण खत्म करने की साजिश का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने बार-बार पिछड़े समुदायों का अपमान किया है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का जिक्र करते हुए दावा किया कि पवित्र जल ले जाने के बावजूद मतुआ समुदाय के सदस्यों को मंदिर परिसर में प्रवेश करने से रोका गया था।बनर्जी ने यह भी दावा किया कि बीजेपी बी आर अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में संशोधन करके एससी और एसटी के लिए आरक्षण खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के केवल 240 सदस्य होने पर भी वे ऐसा करने का इरादा रखते हैं।
केंद्र पर फंड रोकने का लगाया आरोप
टीएमसी नेता ने केंद्र पर पश्चिम बंगाल की 'आर्थिक नाकेबंदी' करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी कि वे साबित करें कि केंद्र सरकार ने पिछले पांच साल में राज्य में ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम जैसी योजनाओं के लिए फंड जारी किया है।उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने राज्य से लगभग 7 लाख करोड़ रुपये टैक्स के रूप में वसूले, लेकिन बंगाल का बकाया बिहार और गुजरात जैसे अन्य राज्यों को दे दिया गया। उन्होंने कहा, "अगर वे यह साबित कर दें कि मोदी सरकार ने बंगाल के 2 करोड़ 64 लाख जॉब कार्ड धारकों को 100 दिन के काम के लिए दस पैसे भी दिए हैं, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।"
'रथ यात्रा' पर भी साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी ने बंगालियों की खाने-पीने की आदतों पर बीजेपी नेताओं की कथित टिप्पणियों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग "दिल्ली के जमींदारों" को यह तय नहीं करने देंगे कि वे क्या खाएंगे या कैसे रहेंगे। उन्होंने बीजेपी की 'रथ यात्रा' पर तंज कसते हुए पार्टी नेताओं को 'धोखेबाज' कहा।बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से कहा, "जब उनका रथ आपके इलाके से गुजरे, तो बंगाल के आतिथ्य से उनका स्वागत करें। उन्हें मछली और मांस भेंट करें।" उन्होंने बीजेपी के 'बंगाल विरोधी' रुख की याद दिलाने के लिए उन्हें मिठाई खिलाने को भी कहा। उन्होंने यह भी कहा कि इन रथों को संरक्षित किया जाना चाहिए ताकि 'उल्टो रथ' के दौरान इन नेताओं को वापस भेजा जा सके।
कार्यकर्ताओं को दिया 250 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य
अभिषेक बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि राज्य में बीजेपी की सीटों की संख्या शून्य हो जाए। उन्होंने टीएमसी सरकार के लिए लगातार चौथी बार 250 से अधिक सीटों के साथ जीत हासिल करने का आह्वान किया। बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है।
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