इजरायल का बड़ा एक्शन, UN एजेंसी के हेडक्वार्टर पर चली बुलडोजर कार्रवाई
यरुशलम|इजराइल ने पूर्वी यरुशलम में संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी (UNRWA) के मुख्यालय परिसर में इमारतों को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई मंगलवार को हुई, जब इजरायली बलों ने परिसर में घुसकर सुरक्षा गार्डों को बाहर निकाला और बुलडोजरों से कई बड़ी इमारतों व अन्य संरचनाओं को गिरा दिया। UNRWA ने इसे 'अभूतपूर्व हमला' करार दिया और अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र के विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों का गंभीर उल्लंघन बताया। बता दें कि परिसर पिछले साल से खाली पड़ा था, क्योंकि इजरायल ने 2024 में कानून पारित कर UNRWA के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया था और एजेंसी को सभी परिसर खाली करने का आदेश दिया था।UNRWA के प्रवक्ता जोनाथन फाउलर ने बताया कि इजरायली सेना स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7 बजे परिसर में घुसी, सुरक्षा गार्डों को बाहर निकाला और फिर बुलडोजरों से इमारतों को ध्वस्त करना शुरू किया। फाउलर ने इसे UNRWA और उसके परिसर पर 'अभूतपूर्व हमला' करार दिया तथा अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के विशेषाधिकारों व उन्मुक्तियों का गंभीर उल्लंघन बताया।वहीं, संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कुछ पूर्व कर्मचारियों ने कहा कि मंगलवार को ध्वस्त की गई संरचनाओं का इस्तेमाल वेस्ट बैंक और गाजा के लिए सहायता सामग्री के भंडारण के लिए किया जाता था। UNRWA के पूर्वी यरुशलम मुख्यालय के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ हकम शाहवान ने कहा कि इजरायली कब्जे द्वारा किया गया यह विनाश दुनिया को यह संदेश देता है कि इजरायल एकमात्र ऐसा देश है जो अंतरराष्ट्रीय कानून को तोड़ सकता है और बिना किसी सजा के बच सकता है।बता दें कि इजरायल की संसद ने अक्टूबर 2024 में एक कानून पारित किया था, जिसमें एजेंसी के देश में काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया और अधिकारियों को एजेंसी से संपर्क करने से मना किया गया। इजरायल के कट्टर दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे UNRWA परिसर के सामने खड़े हैं जबकि बुलडोजर इमारत को गिरा रहा है। बेन-ग्वीर ने इसे 'ऐतिहासिक दिन' और 'उत्सव का दिन' बताया।वहीं, इजराइल ने आरोप लगाया है कि UNRWA के कुछ कर्मचारी फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के सदस्य थे और उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए हमले में हिस्सा लिया था, जिसमें लगभग 1200 इजराइली मारे गए थे। गौरतलब है कि इसी हमले के बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध शुरू किया। गाजा के अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में 71000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं।
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
जनसंपर्क अधिकारी पर दबाव और झूठे आरोपों का मामला: रॉयल प्रेस क्लब ने एमपी नगर थाने में दी शिकायत
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास
राज्यसभा में कांग्रेस के भीतर तकरार, खरगे और जयराम रमेश के बीच तीखी बहस